भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब की बिक्री और दो लोगों की मौत के मामले में आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में देवास की जिला आबकारी अधिकारी वसंती भूरिया और सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश 27 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए।
अवैध शराब की बिक्री का मामला आया सामने
आदेश के मुताबिक, 15 और 18 अक्टूबर 2026 को देवास जिले के ग्राम चंदाना/बिजाना में दो व्यक्तियों की मृत्यु के मामले की जांच के दौरान गांव में अवैध शराब की बिक्री होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त दस व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 768/2026 के तहत आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) में प्रकरण दर्ज किया।
निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई
आबकारी आयुक्त ने आदेश में कहा कि जिला आबकारी अधिकारी वसंती भूरिया और सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी स्थापित करने में विफल रहे। मामले की गंभीरता और अधिकारियों की कथित लापरवाही को देखते हुए दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
उज्जैन संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय में रहेगा मुख्यालय
दोनों अधिकारियों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय उज्जैन संभाग के आबकारी विभाग के उड़नदस्ता कार्यालय में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी आदेश की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश शासन के वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव और देवास कलेक्टर को भी भेजी गई है।

