मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में किसानों के सामने खेती-किसानी की मूलभूत सामग्री खाद और कीटनाशकों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित दामों की अनदेखी करते हुए लाइसेंसधारी दुकानदार खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं और मनमानी कीमत वसूल रहे हैं।
शासन द्वारा निर्धारित यूरिया की कीमत ₹266 प्रति बैग और डीएपी की कीमत ₹1350 प्रति बैग है, जबकि बाजार में दुकानदार यूरिया ₹950 से ₹1000 तक और डीएपी ₹1800 से ₹2000 प्रति बैग में बेच रहे हैं। इस लूट से किसान वर्ग बेहद परेशान है और कृषि विभाग के कर्मचारी भी इस मुद्दे पर मौन धारण किए हुए हैं।
इसी को लेकर भारतीय किसान संघ तहसील शहपुरा ने गुरुवार को एसडीएम शहपुरा को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि कालाबाजारी पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
एसडीएम शहपुरा ने किसानों को आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी दुकानों की जांच करवाई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, ताकि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही खाद और कीटनाशक उपलब्ध हो सके।




