भोपाल। प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों के आधार कार्ड अपडेट को आसान बनाने के लिए “विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) अब सीधे स्कूलों में ही होगा।
इस व्यवस्था के तहत सभी सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को UDISE+ पोर्टल पर लंबित विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी उपलब्ध होगी। इस तकनीकी समाधान को यूआईडीएआई और भारत सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मिलकर विकसित किया है। फिलहाल यह अभियान प्रदेश के 44 जिलों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जबकि शेष 11 जिलों में जल्द शुरू होगा।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों के आधार कार्ड में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और तस्वीर अपडेट कराना है। अपडेटेड आधार विद्यार्थियों के लिए स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षाएं, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के लिए अनिवार्य है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक विद्यार्थियों का एमबीयू सुनिश्चित करें। इसके लिए स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, साथ ही विद्यार्थी नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर भी अपडेट करा सकते हैं।
पहला एमबीयू बच्चे के 5 से 7 वर्ष की आयु में अनिवार्य है और निःशुल्क है। दूसरा एमबीयू 15 वर्ष की आयु पर किया जाएगा। 15 से 17 वर्ष तक यह निःशुल्क रहेगा, लेकिन 17 वर्ष से अधिक आयु पर शुल्क देना होगा। यह अभियान विद्यार्थियों को समय पर आधार अपडेट कराने में मदद करेगा और उन्हें शिक्षा व कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को और सुगम व पारदर्शी बनाएगा।




