— मनरेगा में अब डिजिटल निगरानी सख्त, जन-संवाद गतिविधियां ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए मनरेगा के अंतर्गत जन-जागरूकता गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब ग्राम से लेकर जिला स्तर तक आयोजित सभी जन-संवाद (Public Outreach) और IEC गतिविधियों का विवरण NREGASoft के जन-संवाद मॉड्यूल में नियमित रूप से दर्ज करना होगा।
निर्देश के अनुसार प्रत्येक गतिविधि की दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, जिसकी समीक्षा राज्य और केंद्र स्तर पर नियमित रूप से की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही “विकसित भारत–G-RAM-G अधिनियम 2025” के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए MyBharat पोर्टल पर विभिन्न डिजिटल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं। इनमें राष्ट्रीय शॉर्ट वीडियो चैलेंज, क्विज प्रतियोगिता और लोगो डिजाइन प्रतियोगिता शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को अधिनियम की जानकारी देने और उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि इन प्रतियोगिताओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए सोशल मीडिया, सरकारी वेबसाइट और स्थानीय संचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। परिषद ने सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जन-संवाद कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करते हुए उनकी जानकारी समय पर पोर्टल पर दर्ज करें, ताकि योजनाओं की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
