— मध्यप्रदेश में अब ₹1,000 की जगह देने होंगे सिर्फ ₹100, कम राशि वाले 3,087 मामलों में पीड़ितों को मिलेगा फायदा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने साइबर अपराध के पीड़ितों को आर्थिक राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के तहत साइबर ठगी से संबंधित मामलों में धनराशि वापस दिलाने की प्रक्रिया के दौरान लगने वाले स्टाम्प शुल्क में 90 प्रतिशत की कटौती की गई है। अब पीड़ितों को ₹1,000 के स्थान पर केवल ₹100 स्टाम्प शुल्क देना होगा।
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा संचालित MRM पोर्टल के माध्यम से साइबर अपराध पीड़ितों की रोकी गई धनराशि वापस दिलाने की कार्रवाई की जाती है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में इस पोर्टल पर लगभग 4,370 मामले लंबित हैं। इनमें से 3,087 मामले ऐसे हैं, जिनमें पीड़ितों को वापस मिलने वाली राशि ₹5,000 से कम है।
इन मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली राशि की तुलना में ₹1,000 का स्टाम्प शुल्क अधिक होने के कारण आर्थिक बोझ पड़ रहा था। इसके अलावा, स्टाम्प से जुड़ी औपचारिकताओं के चलते धनराशि वापस मिलने की प्रक्रिया में भी अनावश्यक देरी हो रही थी।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने स्टाम्प शुल्क घटाकर ₹100 निर्धारित किया है। इस निर्णय से विशेष रूप से कम राशि की साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को राहत मिलेगी और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य साइबर अपराध पीड़ितों को उनकी रोकी गई धनराशि जल्द वापस दिलाना, प्रक्रिया को सरल बनाना और स्टाम्प संबंधी औपचारिकताओं के कारण होने वाली देरी को कम करना है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे साइबर धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को संबंधित खातों में रोकने और आर्थिक नुकसान कम करने की संभावना बढ़ सकती है। साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन करने और साइबर ठगी की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।

