Breaking News : आयुष्मान योजना में गड़बड़ी! दस्तावेजों में छेड़छाड़ व दबाव बनाने के आरोप, SDM से रजिस्टर सील करने की मांग….

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। जिले के शहपुरा विकासखंड में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत दी जा रही प्रोत्साहन राशि को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों के बीच विगत दिनों कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।  वहीं अब कस्तूरी पिपरिया के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलेश्वर सिंह मार्को द्वारा दस्तावेजों में छेड़छाड़ और कर्मचारियों पर दबाव बनाने की शिकायत के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। डॉ. दिलेश्वर सिंह मार्को ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा को दी गई शिकायत में बताया कि 17 दिसंबर 2025 को सीबीएमओ डॉ. सत्येंद्र परस्ते द्वारा एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सिस्टरों एवं अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों पर आयुष्मान प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामले को “मैनेज” करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि यदि कोई मीडिया कर्मी पूछताछ करने आए तो कर्मचारी यह बयान दें कि वे प्रोत्साहन राशि के वितरण से संतुष्ट हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इस बैठक की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अधीनस्थ कर्मचारियों को डराकर ऐसे लिखित पत्रों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें आयुष्मान प्रोत्साहन राशि के वितरण से संतुष्टि जताई गई है। साथ ही यह दावा भी किया गया है कि आयुष्मान प्रोत्साहन राशि से संबंधित शासकीय दस्तावेजों में लगातार छेड़छाड़ की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी शहपुरा ब्लॉक के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एसडीएम और कलेक्टर को शिकायत सौंपकर बीएमओ डॉ. सत्येंद्र परस्ते पर गंभीर आरोप लगाए थे। कर्मचारियों का कहना था कि बीते तीन वर्षों में बेहद कम चिकित्सकीय सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अन्य चिकित्सकों की तुलना में कई गुना अधिक प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। जबकि उक्त अवधि में उनका नाम डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर में दर्ज नहीं रहा। शिकायत में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री के अभाव में स्वयं को मेडिकल स्पेशलिस्ट दर्शाकर राशि लेने, मातृत्व अवकाश के दौरान कर्मचारियों के नाम पर भुगतान, वर्षों से सेवाएं नहीं देने वाले वार्ड बॉय को प्रोत्साहन राशि तथा स्थानांतरण के बाद भी शहपुरा ब्लॉक से भुगतान जैसे आरोप भी लगाए गए थे।

मौजूदा शिकायत में डॉ. मार्को ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम से आयुष्मान पंजीयन रजिस्टर, आईपीडी (जनरल वार्ड) रजिस्टर, लेबर रूम अटेंडेंस रजिस्टर, लेबर रूम भर्ती पर्ची, जनरल वार्ड भर्ती पर्ची एवं एनबीएसयू भर्ती पर्ची (वर्ष 2020 से अक्टूबर 2025 तक) को तत्काल सील करने की मांग की है। इधर, शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा डॉ. सत्येंद्र परस्ते को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। जांच समिति की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा करेंगे। समिति में एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, जिला पेंशन अधिकारी एवं जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी साकेत जैन तथा जिला आयुष्मान समन्वयक गौरव ठाकुर को सदस्य बनाया गया है। प्रशासन ने समिति को सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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