— मुख्यमंत्री किसान योजना के भुगतान में गड़बड़ी के आरोप में लगा था बैन, बैंक के आवेदन के बाद तत्काल प्रभाव से हटाया गया
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी फैसले को लेकर बड़ा यू-टर्न सामने आया है। संस्थागत वित्त संचालनालय द्वारा 27 मार्च 2026 को जारी आदेश में बैंक ऑफ बड़ौदा को शासकीय कार्यों से 5 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि महज 24 घंटे के भीतर ही इस आदेश को निरस्त कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री किसान योजना के तहत करोड़ों रुपए के भुगतान में गंभीर लापरवाही सामने आई थी। संबंधित खाते में राशि हस्तांतरण में देरी और तकनीकी खामियों के चलते शासन को वित्तीय नुकसान होने की बात कही गई थी। इसी आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सरकारी कार्यों से प्रतिबंधित किया गया था।

हालांकि, 28 मार्च 2026 को संस्थागत वित्त संचालनालय ने नया आदेश जारी करते हुए पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। बताया गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रस्तुत आवेदन और स्पष्टीकरण के आधार पर यह निर्णय लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही दिन में इतना बड़ा फैसला लेना और फिर उसे वापस लेना, शासन के निर्णयों की स्थिरता पर भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, बैंक ऑफ बड़ौदा को राहत मिल गई है और वह पहले की तरह शासकीय कार्यों में शामिल रह सकेगा।
