— मनरेगा खेत तालाब और पीएम आवास के दो मामलों में धारा 92 के तहत कार्रवाई, पूर्व सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक समेत जिम्मेदारों से होगी वसूली
डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर की ग्राम पंचायत बुडरूखी में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्यों में सामने आई अनियमितताओं को लेकर जिला पंचायत के विहित प्राधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। धारा 92 के तहत पारित दो अलग-अलग आदेशों में तत्कालीन सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक समेत जिम्मेदारों से कुल 5 लाख 67 हजार 530 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं। राशि भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह वसूल की जाएगी।
— ये रहा पूरा मामला
दरअसल पहला मामला मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में स्वीकृत खेत तालाब निर्माण से जुड़ा है। जिला स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत बुडरूखी में एक शिक्षक के नाम से खेत तालाब का कार्य स्वीकृत किया गया था। कार्य के लिए 2 लाख 88 हजार रुपये की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई थी। इसमें 1 लाख 77 हजार 560 रुपये की मजदूरी का भुगतान दर्ज पाया गया, जबकि सामग्री मद में व्यय शून्य था।
जांच के दौरान संबंधित हितग्राही ने बताया कि उन्होंने उक्त योजना के लिए आवेदन नहीं किया था और संबंधित भूमि पर तालाब का कार्य उनकी जानकारी के बिना स्वीकृत किया गया। जांच में उनके नाम से मस्टर रोल एवं जॉब कार्ड तैयार किए जाने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। इसके बाद तत्कालीन एवं वर्तमान जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।
इस मामले में वर्तमान सरपंच विधि उद्दे, पूर्व सरपंच संजय धुर्वे, तत्कालीन सचिव त्रिलोक सिंह मोहारी और ग्राम रोजगार सहायक खुमान सिंह ठाकुर से 44-44 हजार 390 रुपये, यानी कुल 1 लाख 77 हजार 560 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया है।
वहीं दूसरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से संबंधित है। जांच में तीन ऐसे प्रकरण सामने आने की बात कही गई, जिनमें पूर्व में आवास योजना का लाभ प्राप्त कर चुके परिवारों को दोबारा पीएम आवास योजना का लाभ दिए जाने की अनियमितता पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार दो हितग्राहियों को पूर्व में इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका था, जबकि एक अन्य प्रकरण में पूर्व में मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास/ऋण आवास मिशन का लाभ प्राप्त होने के बावजूद परिवार को पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया।
जांच में आवास मद में किए गए भुगतान तथा संबंधित मनरेगा मस्टर रोल की राशि को मिलाकर 3 लाख 89 हजार 970 रुपये की वसूली निर्धारित की गई। इस मामले में पूर्व सरपंच संजय धुर्वे, तत्कालीन सचिव त्रिलोक सिंह मोहारी और ग्राम रोजगार सहायक खुमान सिंह ठाकुर से 1 लाख 29 हजार 990 रुपये प्रत्येक की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
दोनों मामलों को मिलाकर चार अलग-अलग जिम्मेदारियों के विरुद्ध कुल 5 लाख 67 हजार 530 रुपये की वसूली निर्धारित हुई है। आदेश में संबंधितों को निर्धारित अवधि में राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि जमा नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के मामले में उनके मासिक वेतन/भत्तों से 30 प्रतिशत तक कटौती कर वसूली की कार्रवाई का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।
पीएम आवास मामले में तत्कालीन उपसरपंच जागेश्वर प्रसाद को जांच में शामिल किया गया था, लेकिन योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों में उनकी भूमिका निर्धारित नहीं पाए जाने पर उन्हें इस प्रकरण में दायित्व से मुक्त कर दिया गया। दोनों मामलों में संबंधितों को अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर दिया गया था। प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध जवाब और जांच अभिलेखों के आधार पर धारा 92 के तहत अंतिम वसूली आदेश पारित किया गया है।
