डिंडौरी। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की कानून-व्यवस्था, सुशासन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को सभी कार्य समय-सीमा में एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। खाद-बीज की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार एवं गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एलपीजी वितरण और पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्य सचिव ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन एवं ई-सेवा पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। बैठक में “जल गंगा अभियान” के प्रभावी क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, महिला सुरक्षा, नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही एनसीओआरडी (NCORD) बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाया जाए, जिससे सुशासन की अवधारणा को मजबूत किया जा सके। वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह, सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
