— बैंक में गिरवी जमीन का सौदा कर दिया, मेडिकोज संचालक पर धोखाधड़ी का मामला
मध्यप्रदेश के जबलपुर में बैंक में गिरवी रखी गई संपत्ति का एक हिस्सा बिना अनुमति बेचने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने एक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केनरा बैंक जबलपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक रामेश्वर दयाल शर्मा ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि इसरार खान, प्रोपराइटर जी.के. मेडिकोज, मेन रोड तिलक वार्ड बड़ी ओमती घण्टाघर जबलपुर ने केनरा बैंक की खोवा मंडी शाखा में भरतीपुर स्थित प्लॉट नंबर 254/7 (क्षेत्रफल 1350 वर्गफुट) को गिरवी रखकर विभिन्न तिथियों में कुल 89.22 लाख रुपये का ऋण लिया था।
जांच में सामने आया कि उक्त प्लॉट को गिरवी रखने के बाद आरोपी ने उसी संपत्ति पर विभिन्न सीसी लिमिट और टर्म लोन लेकर कुल लगभग 1 करोड़ 43 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। वर्ष 2025 में बैंक ऑडिट के दौरान मूल विक्रय पत्र और भार प्रमाण पत्र के सत्यापन में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी इसरार खान ने बैंक की अनुमति के बिना गिरवी रखी संपत्ति पर बने मकान के 560 वर्गफुट हिस्से को 6 जनवरी 2020 को मोहम्मद रफीक एवं मोहम्मद आसिफ के नाम विक्रय कर दिया।
इस तरह गिरवी रखी संपत्ति का हिस्सा बेचकर आरोपी द्वारा बैंक को आर्थिक क्षति पहुंचाते हुए धोखाधड़ी की गई। मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने आरोपी इसरार खान निवासी नया मोहल्ला जयप्रकाश नारायण वार्ड जबलपुर के विरुद्ध धारा 420 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

