Corruption News : EOW की सख्त कार्रवाई ! विभागीय मिलीभगत से शासकीय धान की हेराफेरी, 8 आरोपियों पर मामला दर्ज…

Rathore Ramshay Mardan
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करोड़ों की कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी, जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा

मध्यप्रदेश के बालाघाट में शासकीय धान की कस्टम मिलिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मार्कफेड एवं मप्र स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के अधिकारियों और कोसमी स्थित सचदेव राइस मिल के संचालकों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 39/2026 दर्ज किया है। मामला 8 दिसंबर 2023 से 20 सितंबर 2024 के बीच का बताया गया है। आरोपियों पर बीएनएस 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधित 2018 की धाराएं लगाई गई हैं।

शिकायतकर्ता मिलिंद ठाकरे द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। 2 अप्रैल 2024 को सचदेव राइस मिल कोसमी से अवैध रूप से शासकीय धान महाराष्ट्र ले जाते दो ट्रक अंतरराज्यीय इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट रजेगांव में पकड़े गए। एक ट्रक ओवरलोड पाया गया, जिस पर 12 हजार रुपये का चालान किया गया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि ट्रकों में भरा धान शासकीय था, जबकि संबंधित दस्तावेजों में लोडिंग का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला।

 

जांच एजेंसी के अनुसार मिल की वास्तविक स्थापित क्षमता 4 मैट्रिक टन प्रति घंटा थी, लेकिन अनुबंध में 6 मैट्रिक टन प्रति घंटा दर्शाई गई। तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी द्वारा बिना भौतिक सत्यापन के अनुबंध किया गया। बाद में पदस्थ अधिकारी ने भी इसी आधार पर 36 लॉट धान का अनुबंध जारी किया। इससे निर्धारित क्षमता से अधिक धान आवंटन की आशंका बनी।

 

भुगतान प्रक्रिया में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। ट्रक पर्ची, गेट पास, तौल पर्ची, फास्टटैग और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों के सत्यापन के बिना ही भुगतान स्वीकृत कर दिया गया। निर्धारित कटौतियां, कर और पेनाल्टी वसूले बिना राशि जारी की गई। जांच में यह भी पाया गया कि मिलिंग के लिए आवश्यक बिजली खपत के मुकाबले लगभग आधी खपत दर्शाई गई, जिससे शासकीय धान की संभावित हेराफेरी कर अन्य राज्यों में भेजे जाने की आशंका व्यक्त की गई है।

 

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज एफआईआर में मार्कफेड के तत्कालीन एवं वर्तमान अधिकारी, नान के जिला प्रबंधक और लेखापाल सहित राइस मिल के प्रोप्राइटर एवं संचालक को आरोपी बनाया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन तथा परिवहन रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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