— प्रसूति वार्ड में आवारा कुत्ता, नवजातों की सुरक्षा पर भारी लापरवाही
डिंडौरी। सरकार एक ओर सुरक्षित प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं अमरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आई घटना ने जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। यहां रात्रि के समय प्रसूति वार्ड के भीतर एक आवारा कुत्ता खुलेआम घूमता रहा, जो नवजात शिशुओं के पलंगों के आसपास मंडराता देखा गया। इस घटना से न केवल संक्रमण का खतरा बढ़ा, बल्कि किसी बड़ी अनहोनी की आशंका भी बनी रही।
बताया जा रहा है कि घटना के समय अस्पताल परिसर में न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था और न ही सुरक्षा व्यवस्था के कोई पुख्ता इंतजाम नजर आए। परिजनों ने जब ड्यूटी स्टाफ को इस गंभीर स्थिति की जानकारी दी, तो इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद पुलिस चौकी में संपर्क करने पर कथित रूप से यह जवाब मिला कि “पुलिस कुत्ते के लिए क्या करेगी।” इस जवाब ने प्रशासनिक संवेदनहीनता पर और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रसूति वार्ड जैसे अति संवेदनशील स्थान पर इस तरह की लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस अस्पताल में नवजात शिशु ही सुरक्षित नहीं हैं, वहां आम मरीजों की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है।
घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है। नागरिकों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा अस्पताल में तत्काल सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही को कितनी संवेदनशीलता से लेता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह कागजों में ही दबकर रह जाएगा।
