— परिजनों का हंगामा, अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन
डिंडौरी। जिला अस्पताल डिंडौरी में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर उचित एंबुलेंस और पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीज की रास्ते में मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार रविंद्र कुमार मरावी रयपुर निवासी उम्र लगभग 46 वर्ष को 4 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालत अधिक गंभीर होने पर 5 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सुरेश मरावी के निर्देश पर मरीज को जबलपुर रेफर किया गया।
परिजनों का आरोप है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस से भेजा जाना चाहिए था, लेकिन डॉक्टर के कहने पर जननी एक्सप्रेस से रेफर कर दिया गया। जननी एक्सप्रेस में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडरों को लेकर भी गंभीर विरोधाभास सामने आया है।
परिजनों के अनुसार वाहन चालक ने बताया कि एक सिलेंडर पूरी तरह खाली था और दूसरा आधा भरा हुआ, जिसकी जानकारी न तो मरीज को दी गई और न ही परिजनों को। वहीं अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि एंबुलेंस में मौजूद दोनों ऑक्सीजन सिलेंडर भरे हुए थे।
बताया जा रहा है कि जबलपुर ले जाते समय कुंडम क्षेत्र के पास ऑक्सीजन समाप्त हो गई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। ऑक्सीजन न मिलने के कारण करीब दोपहर 1 बजे रविंद्र कुमार मरावी की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग जिला अस्पताल पहुंचे और ड्यूटी डॉक्टर से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार कराने के बावजूद डॉक्टर मौके पर नहीं आए। अस्पताल स्टाफ ने भी इस मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतक परिवार को पूर्ण न्याय देने की मांग की है।
नोट:—प्रशासनिक जांच एवं आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने पर आगे की खबर अपडेट की जाएगी।
