भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह प्रक्रिया “विद्यार्थी प्रवेश प्रणाली” के माध्यम से एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज की जाएगी। विभाग ने इस बार लक्ष्य तय किया है कि मार्च माह के भीतर सभी स्कूलों में नामांकन कार्य पूर्ण कर लिया जाए।

आदेश के अनुसार समग्र पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के आधार पर कक्षा 1 में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची संबंधित शालाओं को ग्राम और बसाहट के अनुसार प्रदर्शित होगी, जिससे विद्यालयों को बच्चों का प्रवेश कराने में सुविधा होगी। स्कूल प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेशोत्सव से पहले पालकों से संपर्क कर बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के दस्तावेज के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।

बता दें कि लोक शिक्षण संचालनालय ने ट्रांजीशन लॉस को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष कक्षा 5 से 6 में 48,402 तथा कक्षा 8 से 9 में 1,76,463 विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया। इन विद्यार्थियों की सूची स्कूलवार Transition Loss Management विकल्प पर उपलब्ध कराई गई है। संबंधित शालाओं को पालकों से संपर्क कर शत-प्रतिशत नामांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रवेश नहीं लेना चाहता, तो कारण दर्ज कर ओपन स्कूल, आईटीआई या स्वाध्यायी शिक्षा के माध्यम से कक्षा 12 तक पढ़ाई पूरी कराने के लिए काउंसलिंग और प्रोत्साहन की कार्यवाही भी की जाएगी।

विद्यालयों में कक्षा 1 से 7 तक के विद्यार्थियों की जानकारी पोर्टल पर पहले से प्रदर्शित होगी। कक्षा 5 और 8 के विद्यार्थियों से मार्च में सहमति लेकर उन्हें अनंतिम प्रवेश दिया जाएगा। वहीं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के पास-फेल और प्रतिशत अंक दर्ज होने पर अगली कक्षा में प्रवेश स्वतः पोर्टल पर हो जाएगा।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मई 2026 में ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान कर उनका प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। प्रवेश के बाद सभी विद्यार्थियों का प्रोफाइल अपडेट करना संस्था प्रमुख और कक्षा शिक्षक की जिम्मेदारी होगी। मई माह में प्रोफाइल अपडेट पूर्ण होने से साइकिल, पाठ्य पुस्तक, गणवेश और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों को समय पर मिल सकेगा।

यह समस्त कार्यवाही 3 फरवरी से प्रारंभ होकर 31 मार्च तक पूर्ण की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान इस समय सीमा में प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
सोर्स : लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ।
