भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों से कहा है कि वे जिलों में शासन के प्रतिनिधि के रूप में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए सभी विभागों के साथ प्रभावी समन्वय बनाकर योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि टीम भावना से काम करने पर ही शत-प्रतिशत उपलब्धि संभव है।

मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाने के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में आगामी एक वर्ष की विभागीय कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
राजस्व प्रकरणों पर सख्ती
मुख्य सचिव ने सुशासन को मध्यप्रदेश शासन का मूल्य मंत्र बताते हुए नामांतरण, बटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों में लंबित मामलों पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि पूरी राजस्व प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद सौ-सौ दिन की पेंडेंसी स्वीकार्य नहीं है। नामांतरण में मुरैना-भिंड, बटवारे में अनूपपुर-रीवा, सीमांकन में विदिशा-सतना तथा खसरा अपडेट और अवैध कब्जा हटाने में कुछ जिलों की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए।
सेवाओं का डिजिटलीकरण और सीएम हेल्पलाइन
मुख्य सचिव ने एमपी ई-सेवा पोर्टल को नागरिकों के लिए बड़ा सुधार बताते हुए मार्च अंत तक सभी 1700 सेवाओं को पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में संवेदनशीलता के साथ साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया। जिन जिलों में शिकायतों के निराकरण में ढिलाई पाई गई, उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए।
कृषि वर्ष 2026 पर फोकस
कृषि वर्ष 2026 के तहत 10 प्रमुख आयामों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने मिट्टी, पानी और मौसम को तकनीक से जोड़कर जिला-स्तरीय योजनाएं बनाने पर जोर दिया। सिंचाई क्षमता और वास्तविक उपयोग के अंतर को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को सटीक योजना और क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। पराली जलाने पर रोक, प्रेसराइज्ड सिंचाई, ड्रिप-स्प्रिंकलर, उद्यानिकी क्लस्टर, खाद्य प्रसंस्करण और विभिन्न कृषि योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य, पोषण और नगरीय सेवाएं
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टरों को माह में कम से कम दो बार स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए। नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत अभियान और पट्टा वितरण कार्यों को समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण विकास और जल जीवन मिशन
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में रोजगार गारंटी योजना, एनआरएलएम और जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। सिंगल विलेज में 31 मार्च तक शत-प्रतिशत नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि कलेक्टरों की कार्य संस्कृति में संवेदनशीलता, समन्वय और सही रिपोर्टिंग स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए, तभी शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
