डिंडौरी । जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत विक्रमपुर में बीते तीन वर्षों के दौरान बिना कार्ययोजना, बगैर स्वीकृति और नियमों की अनदेखी कर लाखों रुपये के भुगतान का मामला उजागर होने के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। जनधारा न्यूज” में प्रकाशित खबर “बगैर स्वीकृति, बिना कार्ययोजना लाखों का भुगतान ” के आधार पर जनपद पंचायत द्वारा तत्काल जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
मामले में जनपद पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पंचायत समन्वय अधिकारी दयाली सिंह मरावी को आदेशित किया है कि वे संबंधित प्रकरण की तत्काल जांच कर तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। पत्र की एक प्रति जिला पंचायत के सीईओ को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
बताया गया है कि पंचायत में पांचवें और पंद्रहवें वित्त के अंतर्गत आवंटित राशि का उपयोग पेयजल, सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट, नलजल योजना और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर किया गया, जबकि अधिकांश कार्य धरातल पर प्रारंभ ही नहीं हुए। ई–ग्राम स्वराज पोर्टल में दर्ज आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में प्रस्तावित छह कार्यों में से केवल एक कार्य प्रारंभ हुआ जबकि 2022 में 21, वर्ष 2023 में 63 और वर्ष 2024 तथा 2025 में 121 गतिविधियां प्रस्तावित होने के बावजूद अनेक कार्य शुरू नहीं हुए। इसके बावजूद सरपंच रामनारायण धुर्वे और तत्कालीन सचिव तीरथ गोसाईं द्वारा अन्य व्ययों, प्रसाद वितरण, मानदेय, सामग्री, टेंट वाहन भाड़ा और कार्यालय व्यय सहित बड़े पैमाने पर राशि खर्च की गई।
मंत्रालय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास द्वारा पहले ही निर्देश दिया गया था कि वित्तीय आवंटन को प्राथमिकता वाले कार्यों पर ही खर्च किया जाए और प्रतिबंधित व्ययों से बचा जाए, लेकिन ग्राम पंचायत विक्रमपुर में इन दिशा निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की गई। अनेक कार्यों की वर्क आईडी, साइट फोटो और जियो टैगिंग तक नहीं की गई जिससे भुगतान की वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
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