डिंडौरी। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में डिंडौरी जिले के शिक्षकों की उपस्थिति 83% तक बढ़ गई है, जिससे यह पूरे प्रदेश में चौथे स्थान पर आ गया है। वहीं पड़ोसी जिला मंडला में कलेक्टर की सख्ती के बाद शिक्षक उपस्थिति 77% रही और यह जिला प्रदेश में छठवें स्थान पर पहुंचा है।
माह नवंबर के वेतन आहरण से पहले विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों द्वारा शिक्षकों का सत्यापन किया जाएगा। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज न करने वाले शिक्षक कब से अनुपस्थित हैं, कहाँ फरार हैं, और मृत शिक्षकों की जानकारी सही ढंग से पोर्टल पर अपलोड है या नहीं। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल के आदेश के अनुसार गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शासकीय शिक्षक संगठन,जिला के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने बताया कि सितम्बर माह से शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। अक्टूबर में शिक्षकों ने ट्रायल के रूप में उपस्थिति दर्ज की थी। नवंबर में अनिवार्य उपस्थिति और वेतन भुगतान नियम लागू होने से शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति में नेटवर्क और लोकेशन की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। अपने ही स्कूल में हाजरी लगाने पर भी पोर्टल कई किलोमीटर दूर का लोकेशन दिखा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि EHRMS पोर्टल पर उपस्थिति, अवकाश, सेवा पुस्तिका, वेतन भुगतान, पदोन्नति, स्थानांतरण और रिक्त पदों की जानकारी सही ढंग से अपडेट की जाए।





