डिंडौरी । किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में भावांतर भुगतान योजना के प्रोत्साहन हेतु जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा किया गया।
बैठक में बताया गया कि सोयाबीन किसानों के लिए राज्य शासन द्वारा भावांतर भुगतान योजना वर्ष 2025-26 लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और राज्य की मंडियों के मॉडल भाव या विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भुगतान की जाएगी।
3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। किसान अपने लैम्पस केंद्रों, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, ग्राहक सेवा केंद्रों, या एमपी किसान ऐप के माध्यम से स्वयं भी पंजीयन कर सकते हैं। केवल पंजीकृत किसान ही ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे। बताया गया कि सोयाबीन खरीदी 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक की जाएगी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए और विभागीय अधिकारियों को किसानों के हित में तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के पश्चात कलेक्ट्रेट प्रांगण से भावांतर योजना प्रचार रैली को जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली कलेक्ट्रेट मैदान से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों — रानी अवंती बाई चौक, रानी दुर्गावती चौक, जैन पेट्रोल पंप, उत्कृष्ट विद्यालय, भारत माता चौक, बस स्टैंड, सुब्खार, जलाराम पेट्रोल पंप से होते हुए शासकीय चन्द्रविजय महाविद्यालय में संपन्न हुई। रैली में चार पहिया, दो पहिया वाहन, ट्रैक्टर एवं किसानों के समूह शामिल हुए। रैली में योजना से संबंधित बैनर, फ्लेक्स, तख्ती एवं पंपलेट्स के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया ताकि अधिक से अधिक किसान योजना से जुड़कर लाभ ले सकें। अंत में जनप्रतिनिधियों ने अपने उद्बोधन में मीडिया के समक्ष किसानों को इस योजना से जुड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि भावांतर भुगतान योजना किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी।



