सरपंच सचिव की मिलीभगत से चल रहा विकास निधि पर खुला दुरुपयोग ….
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अजगर में विकास निधि के दुरुपयोग लगातार बढ़ रही हैं। सरपंच राम कुमार बिंदिया और सचिव जय गोपाल सैयाम के कारनामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार द्वारा तय मापदंड और नियम—निर्देश उनके लिए मात्र कागजों तक ही सीमित हैं।
गौरतलब यह है कि ग्राम पंचायत अजगर में 5वें और 15वें वित्त से स्वीकृत लाखों रुपये सड़क निर्माण और विकास कार्यों में खर्च होने के बजाय निजी लाभ के लिए खर्च किए गए। भुगतान सामग्री खरीदी के नाम पर अपने पसंदीदा सप्लायर को राशि वितरित की गई, जबकि मजदूरों की कोई जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और कागजों में निर्माण कर विकास निधि का बंदरवाट कर दिया गया है।

— ये रहा पूरा मामला
दरअसल ग्राम पंचायत अजगर में सीसी सड़क निर्माण के नामपर सरपंच—सचिव के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए मनमाना भुगतान किया गया है।
ग्राम छपरा सीसी सड़क निर्माण: वर्ष 2024-25 में धोबिनाला से पंचायत भवन तक तीन सीसी सड़कें स्वीकृत हुईं। जिसकी कुल लागत 5 लाख रुपये थी। जिसमें मटेरियल खरीदने के नाम पर 1,92,000, 84,000, 54,000 और 17,000 रुपये सप्लायर को भुगतान कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि सड़क का निर्माण बिना मजदूरों का हो गया है तभी तो मजदूरी का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं।
ग्राम छपरा दूसरी सीसी सड़क: 7 जून 2024 को 4 लाख रुपये स्वीकृत हुए। भुगतान मटेरियल खरीदने के नाम पर 90,000, 1,10,000 और 2,00,000 रुपये सप्लायर को वितरित किए गए। मजदूरों की कोई तैनाती नहीं हुई।
ग्राम मुकदम टोला अजगर: 15 अगस्त 2025 को 40,000 रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन मटेरियल के नाम पर 1,50,000 रुपये का भुगतान किया गया।
15वें वित्त से सीसी सड़क निर्माण: कुल 4 लाख रुपये में से 2,40,000 रुपये मटेरियल के नाम पर बिना निर्माण हड़प लिए गए।
ग्राम पंचायत उप सरपंच का कहना है कि मेन रोड से कोटवार मोहल्ला तक केवल एक सड़क का निर्माण हुआ, जबकि बाकी सभी स्वीकृत राशि सरपंच और सचिव ने मिलकर अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल की।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री जनकल्याण संभल योजना अंतर्गत अंत्येष्टि सहायता राशि का भी दुरुपयोग किया गया। जानकारी के अनुसार, 5 माह में मात्र 95,000 रुपये निकाले गए, जबकि वास्तविक लाभार्थी केवल तीन—चार लोगों को ही मिला। बता दें कि ऐसी ही तमाम भुगतान 15वें और पांचवा वित्त से किया गया है। यदि विभाग के द्वारा सरपंच सचिव के द्वारा किए गए वर्ष 23 से 2025 अब तक की आहरण की राशि की निष्पक्ष जांच की जाए तो लाखों का घोटाला उजागर हो सकता है। खैर अब सवाल यह उठता है कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी कब तक ऐसे भ्रष्ट सरपंच और सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। बरहाल इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है, ताकि ग्रामवासियों के लिए स्वीकृत विकास कार्य सही मायनों में पूरे हों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
— इनका कहना है “
ग्राम पंचायत अजगर की कई अन्य शिकायतें मिल चुकी है। मैं पूरी टीम के साथ जाकर पूरी मामले की जांच कर करूंगा।
जितिन ठाकुर सीईओ, जनपद पंचायत समनापुर जिला डिंडौरी।



