मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत मझियाखार में शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना करते हुए सोलर लाईट खरीदी का बड़ा घोटाला सामने आया है। शासन द्वारा 7 अक्टूबर 2024 को प्रदेशभर में सोलर लाईट, सोलर ट्री, सोलर स्टड और सोलर हाई मास्ट की खरीदी पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, पंचायत ने 30 नग सोलर लाईट लगाकर एलईडी के नाम पर 7 लाख 89 हजार रुपए का भुगतान कर दिया।
जिला प्रशासन के निर्देश पर पंचायत निरीक्षक और समन्वयक द्वारा की गई जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि ठेकेदार वंश सोलर एनर्जी ने पंचायत पदाधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी बिल तैयार कर राशि हड़पने का काम किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बजाग ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि भुगतान की गई संपूर्ण राशि वसूली योग्य है। प्रस्तावित वसूली में सरपंच बिन्दों बाई से 3,94,500 रुपए और निलंबित सचिव श्रीमती सीता सिंह गौतम से 3,94,500 रुपए समभाग में वसूले जाएंगे।
वहीं प्रभारी सीईओ जतिन कुमार ठाकुर ने बताया, “ग्राम पंचायत मझियाखार में प्रतिबंध के बावजूद सोलर लाईट खरीदी गई थी। इस राशि की वसूली शासन निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। जांच प्रतिवेदन जिला पंचायत को भेज दिया गया है।”
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि जिले में सोलर और स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की आशंका है और इसमें ऊर्जा विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। सवाल यह उठता है कि जब गांव में सोलर लाईट लगाए गए हैं, तो एलईडी खरीदी का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया।




