मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा जारी आदेश के बाद संलग्नीकरण शिक्षकों के पदों को रिक्त मानने से इंकार कर दिया गया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि संलग्नीकरण शिक्षकों के स्थान पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी।
आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल के पत्र के अनुसार संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, लेकिन डिंडौरी जिले में यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के समग्र शिक्षा अभियान में बीआरसी, बीएसी और सीएसी स्तर पर लगभग 80 प्रतिशत अधिकारी एवं शिक्षक अभी भी संलग्न हैं। ऐसे में इन पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संभव नहीं हो पा रही है।
जिले में GFMS पोर्टल पर परेशानी आने की स्थिति में जिला स्तरीय समिति को EHRMS पोर्टल पर रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं। मगर संलग्नीकरण के चलते वास्तविक रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
परिणामस्वरूप, जिले की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान किस प्रकार निकालते हैं।
