मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिंडौरी, कमलेश कुमार सोनी की अदालत ने 4 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के दोषी को अजीवन कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी को अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त 3 माह का कारावास भुगतना होगा।
ये रहा पूरा मामला
घटना 30 जुलाई 2024 की है। आरोपी श्यामलाल उर्फ बरेदी (45 वर्ष), निवासी ग्राम गंगूटोला, थाना समनापुर ने मासूम बच्ची को कुरकुरे और बिस्किट का लालच देकर टिकरा ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दोपहर करीब 3 बजे गाय चराने गए संजय निकुंज ने बच्ची को खून से लथपथ हालत में टिकरा के पास पड़ा पाया। पीड़िता ने बताया कि श्यामलाल ने उसे बहलाकर ले जाकर जबरन दुष्कर्म किया और घटना के बाद भाग गया। बच्ची को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना डिंडौरी में अपराध क्रमांक 642/24 के तहत BNS धारा 137(2), 65(2)(i), 87 एवं पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 3,4,5(m),6 के तहत मामला दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
वहीं अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए: धारा 137(2) BNS में 3 वर्ष कठोर कारावास व ₹1,000 जुर्माना, धारा 87 BNS में 5 वर्ष कठोर कारावास, पॉक्सो एक्ट धारा 5(m), 6 के तहत अजीवन कारावास व ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। इस प्रकरण में सहायक निदेशक अभियोजन मनोज कुमार वर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी को कठोर सजा दी गई।
