मध्यप्रदेश के जबलपुर में राजस्व विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘लिगेसी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण’ में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा चलाए जा रहे डिजिटल रिकॉर्ड प्रोजेक्ट में गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में नर्मदापुरम संभाग और जबलपुर संभाग में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पुराने राजस्व अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित करने का कार्य जारी है। योजना के नियमों के मुताबिक, पोर्टल पर डेटा सार्वजनिक करने से पहले संबंधित पटवारियों को कुल रिकॉर्ड का कम से कम 5 प्रतिशत अनिवार्य रूप से सत्यापन करना होता है।
लेकिन पाटन तहसील के पटवारी देवेंद्र पटेल और रांझी तहसील के पटवारी चंद्रशेखर चौधरी द्वारा इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई। निर्धारित समय-सीमा में रिकॉर्ड की जांच नहीं किए जाने के कारण डेटा ऑटो अपडेट मोड पर पोर्टल में अपलोड हो गया, जिससे त्रुटियों की संभावना बढ़ गई। प्रशासन ने इस कृत्य को शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए दोनों पटवारियों को निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल इंडिया के तहत चल रही इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
