— रकरिया गांव के चैतू सिंह ने एसपी को सौंपा शिकायत आवेदन, गाली-गलौज, कॉलर पकड़कर पीटने और पाइप से मारने के लगाए आरोप
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना पुलिस पर रकरिया गांव निवासी 28 वर्षीय चैतू सिंह पिता रामफल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। चैतू सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत आवेदन सौंपकर थाना प्रभारी केवल सिंह परते, पुलिस वाहन चालक सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
— ये रहा पूरा मामला
शिकायत के अनुसार घटना 14 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। चैतू सिंह का कहना है कि वह बाइक से गांव से करीब 150 मीटर दूर खेत की ओर गया था। इसी दौरान थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मी सरकारी वाहन से मौके पर पहुंचे और उसे बुलाकर बाइक के संबंध में पूछताछ की।
चालान के नाम पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने बाइक के चालान के नाम पर उससे दो हजार रुपये की मांग की। उसने रुपये नहीं होने की बात कही। इसके बाद विवाद बढ़ने का आरोप है। चैतू सिंह के मुताबिक थाना प्रभारी ने उसकी शर्ट की कॉलर पकड़कर खींची, जिससे शर्ट के बटन टूट गए। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा हाथ-मुक्कों से मारपीट करने तथा पुलिस वाहन में रखे प्लास्टिक पाइप से पीटने का आरोप लगाया गया है।
चैतू सिंह के अनुसार मारपीट के दौरान उसके बाएं पैर और कमर के बाईं ओर चोटें आईं। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे सरकारी वाहन से शाहपुर थाने ले गए। शिकायत में उसकी बाइक भी एक पुलिसकर्मी द्वारा चलाकर थाने ले जाने की बात कही गई है।
करीब एक घंटे थाना परिसर में रखने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे करीब एक घंटे तक थाना परिसर में रखा गया और बाद में छोड़ दिया गया, जबकि उसकी बाइक उसे नहीं दी गई। इसके बाद वह पैदल अपने गांव पहुंचा और परिजनों एवं ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। अगले दिन उसने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई
पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में मेडिकल परीक्षण, घटनास्थल के आसपास के लोगों के बयान, पुलिस वाहन की आवाजाही का रिकॉर्ड, थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी एवं वायरलेस रिकॉर्ड सहित बाइक को थाने लाए जाने से जुड़े दस्तावेज जांच के महत्वपूर्ण आधार हो सकते हैं।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में थाना प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायतें किए जाने का उल्लेख किया है। हालांकि इन शिकायतों पर हुई कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति फिलहाल सामने नहीं आई है।
अब पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से होने वाली जांच और पुलिस विभाग के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
