Kukkramath Temple : ऋणमुक्तेश्वर धाम कुकर्रामठ में युवा समिति ने बांटी प्रसादी, आस्था के इस प्राचीन शिवधाम में उमड़े श्रद्धालु…

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर, कुकर्रामठ में युवा समिति द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की।

कुकर्रामठ का ऋणमुक्तेश्वर मंदिर डिंडौरी जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के अनुसार मंदिर को करीब 1000 वर्ष पुराना बताया जाता है और इसे कल्चुरी काल से जोड़कर देखा जाता है। मंदिर की एक खास स्थापत्य विशेषता इसका पश्चिममुखी होना बताया जाता है, जबकि अधिकांश शिव मंदिर पूर्वाभिमुख होते हैं। मंदिर के गर्भगृह में लगभग तीन फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित है।

कर्ज से मुक्ति की मान्यता

ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर विशेष धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से आर्थिक ऋण के साथ पितृ ऋण, देव ऋण और गुरु ऋण से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी मान्यता के चलते सावन सहित विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है।

मंदिर से जुड़ी रोचक लोककथा

ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा में एक बंजारे और उसके कुत्ते का उल्लेख मिलता है। कथा के अनुसार बंजारे ने कर्ज के बदले अपना कुत्ता साहूकार के पास गिरवी रखा था। बाद में कुत्ते ने साहूकार के यहां हुई चोरी का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साहूकार ने कुत्ते के गले में एक चिट्ठी बांधकर उसे उसके मालिक के पास वापस भेजा, लेकिन बंजारे ने चिट्ठी पढ़े  बिना गुस्से में कुत्ते को मार दिया। बाद में चिट्ठी पढ़ने पर उसे अपनी गलती का पता चला। इसी लोककथा को मंदिर के नाम और ‘ऋणमुक्तेश्वर’ की मान्यता से जोड़कर बताया जाता है।

 

— सावन में विशेष आकर्षण

सावन के दौरान ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। हाल ही में डिंडौरी के डेमघाट से मां नर्मदा का जल लेकर श्रद्धालुओं की कांवड़ यात्रा कुकर्रामठ पहुंची, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया।

इसी धार्मिक परंपरा और आस्था को आगे बढ़ाते हुए कुकर्रामठ युवा समिति द्वारा प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ प्रसादी ग्रहण की। कुकर्रामठ का ऋणमुक्तेश्वर धाम अपनी धार्मिक मान्यताओं, प्राचीनता से जुड़ी चर्चाओं और अनूठी लोककथाओं के कारण डिंडौरी जिले के प्रमुख आस्था स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है।

 

 

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