— लोक शिक्षण संचालनालय का सख्त आदेश, बिना ई-अटेंडेंस वेतन आहरण पर प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षकों एवं विद्यालयी कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब शिक्षकों का वेतन “हमारे शिक्षक” एप के माध्यम से दर्ज ई-अटेंडेंस के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। जिन शिक्षकों द्वारा किसी दिन ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की जाएगी, उन्हें उस दिन अनुपस्थित माना जाएगा और उस दिन का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
जारी निर्देशों में बताया गया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर शिक्षकों की सुविधा के लिए पूर्व में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब इस व्यवस्था को और सख्ती से लागू करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदेश के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ सभी विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करें। वहीं संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वेतन आहरण देयक केवल ई-अटेंडेंस के आधार पर तैयार कर आहरण अधिकारियों को भेजें।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि बिना ई-अटेंडेंस के वेतन आहरण होने की स्थिति में संबंधित संकुल प्राचार्य व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। इस आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र, सभी कलेक्टरों, जिला कोषालय अधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय को विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है। देखें आदेश…

