डिंडौरी । मध्यप्रदेश में पेसा ग्राम सभा मोबिलाइजरों को सेवा मुक्त किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। डिंडौरी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से जारी सेवा समाप्ति आदेश को निरस्त करने और मोबिलाइजरों की सेवाएं पुनः बहाल करने की मांग की है।
दरअसल विधायक मरकाम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पंचायत राज संचालनालय भोपाल द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के अंतर्गत वर्ष 2020 में अनुसूचित क्षेत्रों की 5221 ग्राम पंचायतों में एक-एक पेसा ग्राम सभा मोबिलाइजर का चयन किया गया था। इन मोबिलाइजर्स ने ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने, पेसा कानून के प्रति जागरूकता फैलाने, ग्रामीणों को अधिकारों की जानकारी देने और शासन की योजनाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पत्र में कहा गया है कि पंचायत राज संचालनालय द्वारा 18 मई 2026 को जारी आदेश में आरजीएसए योजना समाप्त होने एवं नई नीति निर्माण प्रक्रिया जारी होने का हवाला देते हुए सभी पेसा मोबिलाइजर्स को सेवा मुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस फैसले से हजारों युवाओं और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सेवा मुक्त करने का आदेश तत्काल निरस्त कर पेसा ग्राम सभा मोबिलाइजर्स की सेवाएं यथावत बहाल रखी जाएं। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नई नीति बनने तक अंतरिम व्यवस्था के रूप में मोबिलाइजर्स को सेवा में बनाए रखते हुए पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मामले में जनहित एवं आदिवासी हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।




