नई दिल्ली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी एक प्रथम अपीलीय आदेश ने नया विमर्श खड़ा कर दिया है। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
यह आदेश आरटीआई आवेदक बलबीर सिंह की प्रथम अपील पर जारी किया गया है। अपील में TET की वैधानिक स्थिति, इसकी अनिवार्यता, पुराने शिक्षकों पर इसके प्रभाव तथा राज्यों को जारी निर्देशों सहित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी।
आदेश में कहा गया है कि RTE अधिनियम की धारा 23(1) केंद्र सरकार को शिक्षक नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित करने हेतु किसी शैक्षणिक प्राधिकरण को अधिकृत करने का अधिकार देती है। इसी प्रावधान के तहत केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को अधिकृत किया, जिसने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के माध्यम से शिक्षक नियुक्ति के लिए TET उत्तीर्ण करना न्यूनतम योग्यता के रूप में निर्धारित किया।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि 11 फरवरी 2011 को NCTE ने TET संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिन्हें सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया था। दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि RTE अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्यता का कोई स्पष्ट प्रावधान अधिनियम में नहीं है। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के निर्णय में RTE अधिनियम, अधिसूचनाओं और वैधानिक व्यवस्था की व्याख्या करते हुए शिक्षक नियुक्ति के लिए TET को अनिवार्य न्यूनतम योग्यता माना गया है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि उसके अभिलेखों में TET संबंधी जानकारी के प्रकाशन के लिए किसी अलग प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अभियान का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। साथ ही, राज्यों द्वारा जारी सार्वजनिक आदेशों की अलग से जानकारी भी मंत्रालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
यह आदेश शिक्षक भर्ती और TET की वैधानिक स्थिति पर चल रही चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस RTI आदेश का अर्थ TET की अनिवार्यता समाप्त होना नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट करता है कि TET की व्यवस्था RTE अधिनियम में सीधे नहीं, बल्कि NCTE की अधिसूचना और धारा 23(1) के तहत निर्धारित न्यूनतम योग्यता के रूप में लागू की गई है।

