मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, “कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश बाढ़ के चलते स्कूली शिक्षा में आ रही समस्याओं पर गहन मंथन किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बच्चों को उफनते नदी-नालों से पार न कराया जाए, और जहां आवश्यक हो, स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किया जाए।
कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों की पहचान कर सूची तैयार करने और खतरनाक भवनों को शीघ्र गिराने के निर्देश दिए, जबकि मरम्मत योग्य भवनों की जल्द मरम्मत कराने को कहा। डीपीसी को निर्देशित किया गया कि सूची तैयार कर भोपाल भेजी जाए और आवश्यक बजट का आवंटन मांगा जाए।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देते हुए, कलेक्टर ने सभी बीआरसी, बीएसी, सीएसी, बीईओ और डीपीसी को नियमित निरीक्षण करने और शिक्षक विहीन विद्यालयों में तत्काल पदस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, शिक्षा पोर्टल पर विद्यालयवार शिक्षक की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा गया, जिससे EHRMS पोर्टल पर रिक्त और भरे पद स्पष्ट दिख सकें, और अतिथि शिक्षकों की समय पर पदस्थापना हो सके।
कलेक्टर ने स्थानांतरित शिक्षकों की जॉइनिंग स्थिति की रिपोर्ट दो दिवस में प्रस्तुत करने के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसी बीआरसी, बीएसी या सीएसी ने लापरवाही बरती, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में डिप्टी कलेक्टर वैद्यनाथ वासनिक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार, जिला समन्वयक शिक्षा अधिकारी राघवेन्द्र मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार सहित समस्त बीआरसी, बीएसी, सीएसी व शिक्षकगण उपस्थित रहे।
