वायरल ऑडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई, विभागीय जांच के लिए 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश
मध्यप्रदेश के देवास जिले सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर कथित अमर्यादित टिप्पणियों वाला ऑडियो वायरल होने के बाद देवास जिले की सोनकच्छ तहसील में पदस्थ पटवारी संजय व्यास पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सोनकच्छ ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। मामले में तहसीलदार सोनकच्छ को जांचकर्ता अधिकारी और नायब तहसीलदार, टप्पा भौरासा को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारियों को 15 दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी निलंबन आदेश के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रसारित एक ऑडियो प्रशासन के संज्ञान में आया था। इसमें वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और मध्यप्रदेश शासन के संबंध में कथित तौर पर अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख है। वायरल ऑडियो को लेकर सामने आए मामले में पटवारी के आचरण को प्रथम दृष्टया शासकीय सेवा की गरिमा और अनुशासन के प्रतिकूल माना गया है।
शासकीय आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप
प्रशासनिक आदेश में उल्लेख किया गया है कि पटवारी संजय व्यास का कथित आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के विपरीत है। आदेश में कर्तव्यनिष्ठा, शिष्टाचार और शासकीय पद की गरिमा बनाए रखने से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन का हवाला दिया गया है।
इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही नियम 14 के अंतर्गत विभागीय जांच संस्थित की गई है।
15 दिन में प्रस्तुत करना होगा जांच प्रतिवेदन
विभागीय जांच के लिए तहसीलदार सोनकच्छ को जांचकर्ता अधिकारी तथा नायब तहसीलदार, टप्पा भौरासा को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाया गया है। आदेश में जांच एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारी को 15 दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान वायरल ऑडियो से जुड़े तथ्यों और संबंधित पटवारी के कथित आचरण की पड़ताल की जाएगी।
निलंबन अवधि में पीपलरांवा रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान संजय व्यास का मुख्यालय कार्यालय नायब तहसीलदार, टप्पा पीपलरांवा, तहसील सोनकच्छ निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा। फिलहाल वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में विभागीय जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे, जिनके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

