भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारियों को सहायक संचालक उद्यान के पद पर पदोन्नत करने के बाद नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 27 अधिकारियों को पदोन्नति उपरांत अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक विभिन्न कार्यालयों एवं जिलों में पदस्थ किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के कई जिलों में उद्यानिकी विभाग की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है।
मंत्रालय भोपाल से जारी आदेश में अधिकारियों को सहायक संचालक उद्यान के पद पर वेतनमान 15,600-39,100 एवं ग्रेड पे 5,400 (पे मैट्रिक्स लेवल-12) में पदोन्नति प्रदान की गई है। इसके बाद उनकी वर्तमान पदस्थापना में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जारी सूची के अनुसार संतकुमार त्रिपाठी को रीवा, अशोक कुमार मिश्रा को संचालनालय भोपाल, अनिल कुमार सिंह को सतना, प्रदीप श्रीवास्तव को पन्ना तथा मुफज्जिल हुसैन सैफी को भोपाल स्थित प्रमुख उद्यान में पदस्थ किया गया है। वहीं दीनानाथ धोटे को सागर, यश कुमार सिंह को दतिया, नीरज सांवलिया को सतना स्थित रेवरा फार्म, राजू बड़वाया को देवास और मनीष चौहान को सीधी में नई जिम्मेदारी दी गई है।
इसी तरह निर्मल कुमार गोयल को शिवपुरी, कायम सिंह धारीवाल को शाजापुर, अरुण कुमार गोयल को श्योपुर, क्षितिज करहाडे को नरसिंहपुर, संजय मौर्य को रायसेन, राजकुमार कोरी को जबलपुर संभाग तथा शोभाराम चौहान को बुरहानपुर में पदस्थ किया गया है।
इसके अलावा मंगल सिंह डोडवे को रतलाम, गोविन्द पटेल को बड़वानी, शैतान सिंह गरवाल को विदिशा, श्यामलाल सोलंकी को मंदसौर, धूमसिंह चौहान को धार, कैलाश चौहान को हरदा, पर्वत सिंह बडोले को खंडवा जिले के रीछी फार्म, अजय रोहित को निवाड़ी, मधुवन भारद्वाज को जबलपुर जिले के लखनवाड़ा तथा जगदीश सिंह मुझाल्दा को सीहोर में पदस्थ किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति एवं पदस्थापना संबंधी समस्त कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित होने वाले आदेशों के अधीन रहेगी। अधिकारियों को नई पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना शासन एवं आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी निर्देशित किया है कि जिन अधिकारियों को पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण का विकल्प प्रस्तुत करना है, उन्हें आदेश प्राप्त होने की तारीख से एक माह के भीतर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प देना होगा।




