भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 8 अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है। पुलिस मुख्यालय भोपाल से 4 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना के साथ अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश में 2009 बैच से लेकर 2019 बैच तक के आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में पुलिस मुख्यालय की महत्वपूर्ण शाखाओं, साइबर पुलिसिंग, नारकोटिक्स, प्रशासन, कल्याण एवं लेखा तथा विशेष शाखा की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
आदेश के मुताबिक संतोष सिंह गौर (भापुसे-2009) को उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे अजाक पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ थे।
इसी तरह अवधेश कुमार गोस्वामी (भापुसे-2009) को उप पुलिस महानिरीक्षक पीएसओ टू डीजीपी पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे कल्याण एवं लेखा शाखा में पदस्थ थे।
तुषार कांत विद्यार्थी (भापुसे-2009) को उप पुलिस महानिरीक्षक विसबल मुख्यालय भोपाल बनाया गया है। वे इससे पहले पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ थे।
वहीं विनीत कपूर (भापुसे-2010) को उप पुलिस महानिरीक्षक साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं सामुदायिक पुलिसिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले उनके पास पीएसओ टू डीजीपी एवं सामुदायिक पुलिसिंग का कार्यभार था।
रघुवंश कुमार सिंह (भापुसे-2012) को उप पुलिस महानिरीक्षक कल्याण एवं लेखा पुलिस मुख्यालय भोपाल बनाया गया है। वे इससे पहले पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ थे।
इसके अलावा साई कृष्ण थोटा (भापुसे-2014) को सहायक पुलिस महानिरीक्षक साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल, पुनीत गहलोत (भापुसे-2017) को सहायक पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन पुलिस मुख्यालय भोपाल तथा शशांक (भापुसे-2019) को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (जी), विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक पुमु/1/भापुसे/893/2026 दिनांक 4 नवंबर 2026 में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों की नवीन पदस्थापना तत्काल प्रभाव से लागू होगी और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस फेरबदल को पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में प्रशासनिक कार्यों के बेहतर संचालन और जिम्मेदारियों के नए आवंटन के रूप में देखा जा रहा है।

