— कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए 348.07 करोड़, 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये स्वीकृत
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लगभग 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद ने शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए गणवेश की राशि के रूप में 348 करोड़ 7 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। सत्र 2026-27 के लिए यह राशि डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों और पालकों के बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाएगी।
76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को मिलेगा मानदेय
बैठक में अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। इसके लिए 2026-27 से 2030-31 तक 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में स्वीकृत पदों के रिक्त रहने पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कराया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।
अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण
मंत्रि-परिषद ने युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अग्निवीरों के लिए पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय भी लिया है।
इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और औषधि नियंत्रण से संबंधित कार्यों के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये, दमोह-कटनी चार लेन मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये तथा ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच और सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार इन फैसलों से शिक्षा, रोजगार, अधोसंरचना और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
