— 2022 से 2026 तक के विकास कार्यों की जांच की मांग, बिल-वाउचर से लेकर एमबी और मौके के निर्माण का मिलान कराने की शिकायत
डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुकुटपुर और मानपुर रैयत में वर्ष 2022 से 2026 के बीच कराए गए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पंचायत के कार्यों में कथित अनियमितताओं और भुगतान में अंतर की जांच की मांग करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समनापुर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में सरपंच मायावती मरावी और सचिव विलचंद केश की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायतों में कुछ कार्यों में मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण, माप पुस्तिका (एमबी) में दर्ज माप और भुगतान की गई राशि के बीच अंतर है। इसी को लेकर संबंधित कार्यों के बिल-वाउचर, एमबी, तकनीकी स्वीकृति, प्राक्कलन, कार्य आदेश, भुगतान अभिलेख और मौके पर हुए निर्माण का सत्यापन कराने की मांग की गई है।
30 मीटर निर्माण, 45 मीटर भुगतान का आरोप
मुकुटपुर पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल को लेकर शिकायत में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मौके पर करीब 30 मीटर बाउंड्रीवाल दिखाई देती है, जबकि 45 मीटर का माप दर्शाकर भुगतान किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने मौके पर दोबारा नाप कराकर वास्तविक निर्माण की लंबाई को एमबी और भुगतान रिकॉर्ड से मिलाने की मांग की है।
नलकूप और नाडेप के काम भी जांच के घेरे में
मुकुटपुर और मानपुर पंचायत में नलकूप के नाम पर कराए गए कार्यों की भी स्थल जांच की मांग की गई है। सामुदायिक नाडेप के नाम से कराए गए कार्यों में भी वास्तविक निर्माण, दर्ज माप और भुगतान राशि का मिलान कराने की मांग शिकायत में की गई है।
मस्टर और सफाई भुगतान पर भी उठे सवाल
शिकायत में मस्टर के माध्यम से कराए गए कार्यों और सफाई के नाम पर किए गए भुगतानों की जांच की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सत्यापित किया जाए कि जिन कार्यों के नाम पर सरकारी राशि का भुगतान किया गया, वे कार्य वास्तव में मौके पर हुए भी हैं या नहीं।
पुरानी बाउंड्रीवाल पर दोबारा खर्च का आरोप
मानपुर की माध्यमिक शाला की बाउंड्रीवाल को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार बाउंड्रीवाल का निर्माण करीब पांच-छह वर्ष पहले कराया जा चुका था। इसके बावजूद मरम्मत के नाम पर दोबारा कार्य और राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी शिकायत में दी गई है। मामले में पुराने और वर्तमान कार्यों के रिकॉर्ड का मिलान कर जांच कराने की मांग की गई है।
हर रिकॉर्ड की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने वर्ष 2022 से 2026 तक कराए गए संबंधित कार्यों के टीएस, प्राक्कलन, कार्य आदेश, एमबी, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और कार्य पूर्णता संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान यदि अनियमितता या गलत भुगतान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
