— ग्राम रोजगार सहायकों और उपयंत्रियों के लंबित वेतन व एरियर भुगतान के लिए जारी हुई राशि, मनरेगा पोर्टल पर आवंटन प्रदर्शित नहीं होने से अटकी भुगतान प्रक्रिया
मध्यप्रदेश में मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों और अन्य कर्मचारियों के लिए लंबित वेतन भुगतान की उम्मीद तो जगी है, लेकिन आवंटन जारी होने के बावजूद भुगतान की राह में तकनीकी अड़चन बनी हुई है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने प्रदेशभर में मनरेगा योजना के प्रशासनिक मद के अंतर्गत 15 करोड़ 48 लाख 44 हजार रुपये आवंटित करने की स्वीकृति दी है। इसके बावजूद मनरेगा पोर्टल पर आवंटन की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) जारी नहीं हो पा रहे हैं।
दरअसल परिषद के आयुक्त मयंक अग्रवाल ने 26 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में प्रदेश के समस्त जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयकों को आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आवंटित राशि से मनरेगा के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों का लंबित पारिश्रमिक भुगतान किया जाए।
निर्देशों के अनुसार ग्राम रोजगार सहायकों को अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक और जून 2026 का लंबित पारिश्रमिक दिया जाना है। वहीं अन्य अमले के अप्रैल 2025 से जून 2026 तक के लंबित वेतन का भुगतान किया जाना है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में संविदा पारिश्रमिक में हुई वृद्धि के अनुसार अप्रैल से जून 2026 तक का एरियर भी जारी राशि से भुगतान किया जाना है।
आवंटन की स्वीकृति और वास्तविक भुगतान के बीच फंसी प्रक्रिया
एक ओर शासन स्तर से करोड़ों रुपये के आवंटन की स्वीकृति जारी कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर संबंधित कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान के लिए अभी इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार आवंटन मनरेगा पोर्टल पर प्राप्त नहीं होने से वेतन भुगतान के एफटीओ तैयार और जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसमें ग्राम रोजगार सहायकों एवं उपयंत्रियों का भुगतान भी प्रभावित हो रहा है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब वेतन भुगतान के लिए बजट आवंटन स्वीकृत हो चुका है, तो पोर्टल पर राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है? फिलहाल कर्मचारियों को लंबित वेतन और एरियर के भुगतान के लिए आवंटन के पोर्टल पर प्रदर्शित होने और एफटीओ जारी होने का इंतजार है।
