भोपाल/ डिंडौरी। प्रदेश में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं शिक्षण कार्य को अधिक परिणाममूलक बनाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान (सेकेण्ड्री एजुकेशन) के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा सभी जिलों में स्कूलों का निरीक्षण एवं समीक्षा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह निरीक्षण 20 जनवरी से 30 जनवरी 2026 की अवधि में किया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार संचालनालय स्तर के अधिकारी जिलों में जाकर विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तर पर निरीक्षण एवं समीक्षा के पश्चात आयुक्त/संचालक लोक शिक्षण द्वारा संभाग स्तरीय समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों या संभागों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, वहां आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इन विद्यालयों का होगा चयन
निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें वर्ष 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं (कक्षा 10वीं एवं 12वीं) में कम परीक्षा परिणाम रहे हों। प्रत्येक जिले में 2 कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालय, 1 पीएमश्री विद्यालय एवं 2 अन्य विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर होगी विशेष समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पाठ्यक्रम एवं अकादमिक कैलेंडर के अनुसार अध्यापन कार्य, छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद, कमजोर विद्यार्थियों के लिए तैयार रणनीति, रेमेडियल कक्षाओं का संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग, छमाही एवं प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण, उत्तरपुस्तिकाओं का अवलोकन तथा ई-अटेंडेंस की स्थिति जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हर जिले के लिए 2 दिन का समय
प्रत्येक जिले के लिए निरीक्षण एवं समीक्षा हेतु दो दिवस निर्धारित किए गए हैं। निरीक्षण कार्य के दौरान आवास एवं वाहन आदि की व्यवस्था संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
डिंडौरी जिले में निरीक्षण की जिम्मेदारी
जारी जिलेवार सूची के अनुसार डिंडौरी जिले के निरीक्षण की जिम्मेदारी सहायक संचालक सुरेन्द्र सोलंकी को सौंपी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय का मानना है कि इस व्यापक निरीक्षण एवं समीक्षा प्रक्रिया से विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।




