मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडौरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने विकास खंड शिक्षा अधिकारियों पर लापरवाही और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। राम कुमार गर्ग ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी और बदले की भावना से किए गए कार्यों के चलते शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।
प्रशासनिक स्थानांतरण में भारी धांधली का आरोप
गर्ग ने बताया कि डिंडौरी विकास खंड शिक्षा अधिकारी बी.डी. सोनी ने प्रशासनिक स्थानांतरण की सूची तैयार करते समय नियमों की खुली अवहेलना की है। पति-पत्नी समायोजन के नियमों को दरकिनार करते हुए महिलाओं का भी बिना शिकायत के स्थानांतरण करवा दिया गया। इसके अलावा युक्तियुक्तकरण में भी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे कहीं स्कूल शिक्षकविहीन हो गए हैं तो कहीं कम छात्रों के बावजूद अधिक शिक्षक पदस्थ हैं।
EHRMS पोर्टल की अद्यतन जानकारी नहीं
शिक्षक संगठन ने आरोप लगाया कि विकास खंड शिक्षा अधिकारी EHRMS पोर्टल को अद्यतन नहीं करते हैं। इससे शाला वार शिक्षकों की जानकारी सही रूप से उपलब्ध नहीं हो पाती और अधिकारियों की मनमानी को बढ़ावा मिलता है। कहीं नियमविरुद्ध संलग्नीकरण, कहीं बिना प्रक्रिया के पदांकन और प्रशासनिक स्थानांतरण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
जांच और तबादले की मांग
जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मांग की है कि विकास खंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यशैली की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए और जांच पूरी होने तक सभी अधिकारियों को अन्यत्र पदस्थ किया जाए। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के कारण न केवल शिक्षकों का प्रदर्शन प्रभावित हो रहा है, बल्कि मामले विधानसभा तक पहुँच चुके हैं और कई शिक्षक न्यायालय की शरण में जा चुके हैं। इससे सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति भी प्रभावित
राम कुमार गर्ग ने बताया कि आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा 9 जुलाई 2025 से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया था, परंतु EHRMS पोर्टल अद्यतन न होने से नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई है। डेढ़ महीना बीतने के बावजूद शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन समय रहते विकास खंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा नहीं करता तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने शिक्षा के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
