— जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी ने जारी किया आदेश, विभागीय पदोन्नति/क्रमोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर कर्मचारियों को स्वीकृति
डिंडौरी। जनजातीय कार्य विभाग में लंबे समय से नियमित सेवा दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश के माध्यम से जिले के 86 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 10, 20 एवं 30 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने पर समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। यह आदेश विभागीय पदोन्नति/क्रमोन्नति समिति डिंडौरी की अनुशंसा के आधार पर जारी किया गया है।
जारी आदेश में मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि पात्र चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों की पूर्ति करने पर उनकी नियमित सेवा अवधि के आधार पर क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाना है।
— 10 वर्ष पर प्रथम, 20 वर्ष पर द्वितीय और 30 वर्ष पर तृतीय समयमान
आदेश के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए समयमान वेतनमान की व्यवस्था के तहत 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर प्रथम उच्चतर वेतनमान 4440-7440+1400, 20 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर द्वितीय उच्चतर वेतनमान 5200-20200+1800 तथा 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर तृतीय उच्चतर वेतनमान 5200-20200+1900 स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को उनकी नियमित सेवा पूर्ण होने की निर्धारित तिथि से नियमानुसार समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति तिथि, नियमित सेवा की अवधि और पूर्व में प्राप्त वेतनमान आदि का परीक्षण किया गया है।
— 86 कर्मचारियों की सूची जारी
सहायक आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश के साथ संलग्न सूची में कुल 86 कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं। सूची में डिंडौरी जिले के विभिन्न विकासखंडों में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।
इन कर्मचारियों में शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों, कन्या आश्रमों, उत्कृष्ट विद्यालयों, विकासखंड कार्यालयों और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। सूची में डिंडौरी के अलावा शहपुरा, मेंहदवानी, समनापुर, करंजिया, अमरपुर और बजाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों का विवरण दर्ज है।
आदेश में प्रत्येक कर्मचारी के नाम के साथ उसका वर्तमान पदस्थापन, विकासखंड, सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि, नियमित पद पर नियुक्ति की तिथि, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि तथा प्रथम, द्वितीय और तृतीय समयमान वेतनमान की देय तिथि का उल्लेख किया गया है।
— कई कर्मचारियों को पूर्व की तिथियों से मिलेगा लाभ
जारी सूची के अनुसार कई कर्मचारी 10, 20 अथवा 30 वर्ष की सेवा पहले ही पूर्ण कर चुके हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए आदेश में समयमान वेतनमान की देय तिथि भी निर्धारित की गई है। कुछ कर्मचारियों के मामले में द्वितीय समयमान की देय तिथि वर्ष 2017, 2019, 2022 और 2023 आदि दर्ज है, जबकि अन्य कर्मचारियों के लिए 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने के आधार पर वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 की तिथियां दर्शाई गई हैं।
इसी तरह कुछ कर्मचारियों के लिए 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर तृतीय समयमान वेतनमान की देय तिथियां भी आदेश में दर्ज हैं। इसका मतलब है कि पात्रता की निर्धारित तिथि से कर्मचारियों के वेतन का नियमानुसार पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
— वेतन निर्धारण की जांच के बाद होगा भुगतान
आदेश में महत्वपूर्ण रूप से यह निर्देश भी दिया गया है कि संबंधित कर्मचारियों के समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण की जांच संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन, जबलपुर से कराने के बाद ही भुगतान किया जाए।
इसके लिए संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने और सक्षम स्तर से जांच के बाद ही देय लाभ का भुगतान किया जाएगा।
— इन शर्तों का पालन करना होगा
समयमान वेतनमान की स्वीकृति के साथ आदेश में पात्रता से संबंधित कई शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आदेश के मुताबिक संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राज्य शासन की सेवा में भर्ती नियमों के अंतर्गत नियमित रूप से नियुक्त होना चाहिए तथा नियुक्ति के बाद निर्धारित अवधि तक निरंतर सेवा में होना आवश्यक है।
इसके अलावा नियुक्ति के बाद 10 वर्ष से अधिक अथवा 20 या 30 वर्ष से अधिक निरंतर सेवा की स्थिति तथा सेवा में भर्ती के समय लागू प्रारंभिक वेतनमान अथवा उसके समकक्ष किसी अन्य वेतनमान की स्थिति का भी परीक्षण किया जाना है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि समयमान वेतनमान में वेतन वृद्धि की तिथि, समयमान वेतनमान स्वीकृत होने के पूर्व रही हो तो उसके अनुसार वेतनवृद्धि की गणना की जाएगी। समयमान वेतनमान का लाभ मिलने से वर्तमान पदनाम में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा।
— विभागीय जांच और अनुपस्थिति भी होगी महत्वपूर्ण
समयमान वेतनमान के लिए यह शर्त भी रखी गई है कि संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उक्त अवधि में निलंबित नहीं रहा हो। साथ ही कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय जांच, लोकायुक्त प्रकरण अथवा न्यायालयीन प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहना भी पात्रता के परीक्षण में महत्वपूर्ण होगा। आदेश की अंतिम शर्त के अनुसार संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं उनके नाम के सामने दर्शाई गई तिथि को 10, 20 अथवा 30 वर्ष की नियमित सेवा के रूप में पूर्ण हो चुकी होना आवश्यक है।
— कर्मचारियों को आर्थिक लाभ की उम्मीद
लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे 86 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए यह आदेश आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समयमान वेतनमान लागू होने से पात्र कर्मचारियों के वेतन का पुनर्निर्धारण होगा और उन्हें नियमानुसार उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलेगा।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा जारी आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश भोपाल, कलेक्टर डिंडौरी, संभागीय उपयुक्त जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास जबलपुर संभाग, संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों तथा संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है। इस आदेश के बाद अब संबंधित 86 कर्मचारियों के वेतन निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर आगे बढ़ेगी।

