रंगोली, कोलाज और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, विजेताओं को मिला प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान
डिंडौरी। शासकीय महाविद्यालय करंजिया में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अंतर-कक्षीय महाविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। 3 से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस युवा उत्सव की मुख्य थीम ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ रखी गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और भारतीय ज्ञान के विभिन्न आयामों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
युवा उत्सव के पहले दिन रंगोली, कोलाज और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, ऐतिहासिक गौरव और पारंपरिक विरासत को कलाकृतियों के माध्यम से जीवंत रूप दिया।
रंगोली प्रतियोगिता में छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर को आकर्षक रंगोलियों से सजाया। इस प्रतियोगिता में बीएससी तृतीय वर्ष की दिव्यांशी उइके ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीएससी द्वितीय वर्ष की माही बघेल द्वितीय और सोनम बांधव तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं कोलाज प्रतियोगिता में संजय कुमार ने प्रथम, कार्तिक खय्याम ने द्वितीय तथा लवकेश ने तृतीय स्थान हासिल किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और देश के गौरवशाली इतिहास को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को लेकर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश सिंह परस्ते ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा उत्सव जैसी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण मंच हैं। इन आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी कला और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, साथ ही उनके सर्वांगीण विकास को भी बढ़ावा मिलता है।
युवा उत्सव के नोडल अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह टेकाम ने बताया कि अंतर-कक्षीय महाविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव 3 से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को जिला स्तरीय युवा उत्सव में महाविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
प्रथम दिवस की प्रतियोगिताएं विधा प्रभारी डॉ. ताजुन अंसारी, डॉ. शिवांगी राय एवं सुश्री कीर्ति मरावी के निर्देशन में संपन्न हुईं। निर्णायक समिति में प्रो. हरीश कुशवाह, डॉ. प्रीति पांडेय एवं डॉ. तुलसी झारिया शामिल रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों और कलाकृतियों का मूल्यांकन किया।
इस अवसर पर डॉ. केपी बरोह, डॉ. केके द्विवेदी, डॉ. शत्रुसूदन सिंह सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
युवा उत्सव के आगामी कार्यक्रमों के तहत 4 नवंबर को वाद-विवाद एवं प्रश्न मंच प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जबकि 5 नवंबर को भारतीय संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत, साहित्यिक एवं अन्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

