डिंडौरी । जिले की जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की पहली तिमाही (जून 2025) समीक्षा बैठक अपर कलेक्टर जे.पी. यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक रविशंकर, जिला विकास अधिकारी देवव्रत पाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेंद्र कुमार जाटव, जिला उद्योग प्रबंधक श्रीमती राधा कुशरे, एनआरएलएम प्रबंधक श्रीमती अर्पणा पांडे, सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में वार्षिक साख योजना (ACP) की समीक्षा की गई, जिसमें पहली तिमाही तक प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में 32 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। वहीं, जिले का अग्रिम-जमा अनुपात 50 प्रतिशत से बढ़कर 51 प्रतिशत हो गया। नाबार्ड द्वारा संचालित एग्री क्लीनिक-एग्री बिजनेस सेंटर अनुदान युक्त योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उद्यम क्रांति योजना, पीएमएफएमई उद्यानिकी योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (मत्स्य), भगवान बिरसा मुंडा आर्थिक स्वरोजगार योजना, टाटया मामा आर्थिक कल्याण योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर सुधारात्मक सुझाव दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 5,32,512 खाते पंजीकृत हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1,46,782 तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3,09,010 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
अग्रणी जिला प्रबंधक रविशंकर ने जानकारी दी कि डिंडौरी जिले ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अटल पेंशन योजना के तहत लक्ष्य के विरुद्ध 269.11 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। निर्धारित लक्ष्य 3,435 के विरुद्ध जिले में 5,244 पंजीकरण कराए गए। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए भारत सरकार की पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा 3 सितंबर 2025 को भोपाल में आयोजित एपीवाई आउटरिच कार्यक्रम में डिंडौरी जिले को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिले की ओर से अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रविशंकर को सम्मान प्रदान किया गया।




