डिंडौरी। कलेक्टर भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनीमिया (रक्त अल्पता) की रोकथाम एवं बचाव को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के उपयोग, उनके लाभ एवं उनसे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर भदौरिया ने बताया कि आयोडीन एवं आयरन तत्वों की कमी से रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा घट जाती है, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए शासन द्वारा उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित किए जा रहे फोर्टिफाइड चावल एवं डबल फोर्टिफाइड नमक का नियमित उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फोर्टिफाइड चावल एवं नमक गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इनके उपयोग को लेकर जो भी भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर कर सभी को इनका सेवन करना चाहिए।
कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासकि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि एनीमिया के कारण शरीर में आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन बी-12 की कमी हो जाती है, जिससे शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित होता है। एनीमिया के प्रमुख लक्षणों में पलक के नीचे सफेदपन, हृदय गति तेज होना, होंठों के कोने फटना, हाथों की लालिमा में कमी, जीभ का सफेदपन, पैरों में सूजन, नाखूनों का टूटना, कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना एवं बेहोशी शामिल हैं।
एनीमिया से बचाव के लिए आयरन एवं विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई। अनाजों में बाजरा, ज्वार, रागी, राजगीर, दालों में चना, मसूर, राजमा, उड़द, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियों, फल, तिल, मूंगफली, अंकुरित दालें तथा नींबू, संतरा, आंवला जैसे विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी बताए गए।
न्यूट्रिशन विशेषज्ञ पवन मुदगल ने फूड फोर्टिफिकेशन की जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा वितरित फोर्टिफाइड चावल में 98 प्रतिशत चावल का आटा एवं 2 प्रतिशत विटामिन व खनिज होते हैं, जिन्हें सामान्य चावल में मात्र 1 प्रतिशत मात्रा में मिलाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फोर्टिफाइड चावल प्लास्टिक नहीं होता और डबल फोर्टिफाइड नमक में दिखाई देने वाले काले या भूरे दाने आयरन के कण होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को एनीमिया से बचाव के लिए जागरूक रहने तथा फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों के नियमित उपयोग का संदेश दिया गया।




