— कम प्रगति वाले स्कूलों और विकासखंडों पर प्रशासन की नजर, समय-सीमा में छात्रवृत्ति भुगतान और पोर्टल की लंबित प्रविष्टियां पूरी करने की चेतावनी
डिंडौरी। जिले में विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भुगतान और यू-डाईस (UDISE+) पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की धीमी प्रगति को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति भुगतान और पोर्टल की सभी लंबित प्रविष्टियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं। बैठक से अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों के साथ ही कम प्रगति वाले विकासखंडों और विद्यालयों के संबंधित अधिकारियों एवं प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक सहित समस्त हायर सेकेंडरी एवं हाईस्कूलों के प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), बीआरसी, बीएसी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने यू-डाईस पोर्टल पर स्कूल प्रोफाइल, टीचर प्रोफाइल, स्टूडेंट प्रोफाइल, स्टूडेंट ट्रांजिशन और ड्राफ्ट बॉक्स में लंबित प्रविष्टियों की विस्तार से समीक्षा की। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भुगतान की विभागवार एवं विकासखंडवार स्थिति का जायजा लिया गया। समीक्षा में जिन विकासखंडों और विद्यालयों की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई, उनके कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बीईओ, बीआरसी और विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों से संबंधित सभी जानकारियां पोर्टल पर सही तरीके से दर्ज कराई जाएं और छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत देते हुए सभी कार्य पूरे होने के बाद पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों को भी कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने ऐसे प्राचार्यों के साथ-साथ यू-डाईस प्रविष्टियों और छात्रवृत्ति भुगतान में कम प्रगति वाले विकासखंडों एवं विद्यालयों के संबंधित बीईओ और प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस सख्ती से शिक्षा विभाग में लंबित कार्यों को लेकर जवाबदेही तय होने के संकेत मिले हैं।

