मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा, अभियोजन अधिकारी ने जानकारी दी कि थाना बजाग के अपराध क्रमांक 170/2024, सत्र प्रकरण क्रमांक 107/2024 में आरोपी मोहन परस्ते पिता बलराम परस्ते (25 वर्ष) एवं कुंवर सिंह परस्ते पिता बलराम परस्ते (निवासी ग्राम भानपुर, थाना बजाग, जिला डिंडौरी) को हत्या एवं सबूत छुपाने के मामले में दोषी पाया गया।
न्यायालय शिव कुमार कौशल, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डिंडौरी ने दोनों आरोपियों को धारा 103(1)/3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आजीवन कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 238(बी) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत 7-7 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दोनों आरोपियों को 3-3 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
ये रहा पूरा मामला….
प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ग्राम तेलियापानी में रहता है और खेती किसानी करता है। उसके पिता दिनांक 14 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 3 बजे घर से नांगर का लोहा फरगवाने के लिए धुरकुटा अगरिया गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजन एवं ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की।
दिनांक 17 जुलाई 2024 को ग्रामीणों के साथ तलाश करते समय धुरकुटा बंजारी घाट के नीचे मृतक का शव मिला। शव पर कोई बाहरी चोट नहीं थी, लेकिन बदबू व कीड़े लग चुके थे। परिजन ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। जांच में जुटे पुलिस व अभियोजन पक्ष द्वारा संकलित साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए कठोर दंड सुनाया।




