मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में थाना समनापुर क्षेत्र के जादू-टोना हत्या प्रकरण में माननीय न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार गुप्ता ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा अभियोजन अधिकारी ने बताया कि आरोपी जेहर सिंह मरावी उम्र 20 वर्ष गेंदासिंह मरावी उम्र 38 वर्ष तिलकराम उर्फ तिलक सिंह मरावी उम्र 50 वर्ष और कोमल सिंह धुर्वे उम्र 28 वर्ष सभी निवासी थाना समनापुर जिला डिंडौरी को भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई है। धारा 103(1)/3(5) के तहत आजीवन कारावास और दो हजार रुपए अर्थदंड धारा 127(2) के तहत छह-छह माह का कारावास और दो सौ रुपए अर्थदंड तथा धारा 140(1) के तहत दस-दस वर्ष का कठोर कारावास और पांच सौ रुपए अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना 12 जुलाई 2024 की है जब ग्राम मनौरी निवासी प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पड़ोसन झम्मल बाई बीमारी से मृत्यु के बाद उसके परिवारजन गुस्से में थे। इसी दौरान मृतक हरेसिंह खेत से घर लौटा तो मृतका के भतीजे गेंदासिंह ने आरोप लगाया कि हरेसिंह ने जादू-टोना से उसकी चाची की मौत कराई है। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर हरेसिंह को पकड़ लिया बांध दिया और घर के भीतर ले जाकर बेरहमी से पीटा। अगले दिन सुबह मृतक की मां ने देखा कि उसका बेटा मृत पड़ा है। उसके शरीर पर गला दबाने और पिटाई के गंभीर निशान थे। विवेचना उपरांत साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष के तर्कों और सबूतों से सहमत होते हुए न्यायालय ने सभी चारों आरोपियों को दोषी ठहराकर सख्त सजा सुनाई।




