मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के शहपुरा जनपद पंचायत में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण न होने से जनपद पंचायत शहपुरा की कार्यप्रगति प्रभावित हुई है। पंचायत की प्रगति दर मात्र 66.36 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसके चलते इसे “सी” श्रेणी में रखा गया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद ओझा ने कार्रवाई करते हुए 15 अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन काटने का आदेश जारी किया है।
— सात दिन का वेतन कटा
सीईओ द्वारा जारी आदेश में 14 कर्मचारियों पर 7 दिवस की वेतन कटौती की गई है। इनमें – सी.एल. चक्रवर्ती (एपीओ मनरेगा), दिगम्बर साहू (ब्लॉक समन्वयक प्रधानमंत्री आवास), छत्तर सिंह मार्को (बीपीओ पंचायतराज), राजकुमार मरावी (पीसीओ सीएम हेल्पलाइन नोडल), सुदर्शन सिंह सैयाम (पीसीओ बिछिया सेक्टर), फत्तू सिंह मरावी (पीसीओ अमेरा सेक्टर), गुलाब सिंह धुर्वे (पीसीओ संग्रामपुर सेक्टर), भगत सिंह धुर्वे (पीसीओ कोहानीदेवरी सेक्टर), विकास सोनगोत्रा (उपयंत्री संग्रामपुर सेक्टर), विकास खरे (उपयंत्री अमेरा सेक्टर), सौरभ परोहा (उपयंत्री बिछिया सेक्टर), ए.एच. खान (उपयंत्री रयपुरा सेक्टर), नंदकिशोर अहिरवार (उपयंत्री मानिकपुर सेक्टर) और हिरेश पारधी (उपयंत्री कोहानीदेवरी सेक्टर) शामिल हैं। वहीं ग्राम पंचायत संग्रामपुर के रोजगार सहायक महेन्द्र सिंह झारिया पर 15 दिवस की वेतन कटौती की गई है।

