डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में चूहा मार दवा खाने के बाद भर्ती किए गए एक युवक के उपचार के दौरान मिनरल वाटर की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई देने का दावा किया गया। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 22 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे 18 वर्षीय युवक को चूहा मारने का पाउडर खाने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान अस्पताल में मौजूद एक व्यक्ति ने वीडियो बनाया, जिसमें ड्रिप स्टैंड पर मिनरल वाटर की बोतल लगी दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में चर्चा शुरू हो गई।
मामले को लेकर अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते रहे। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने स्वीकार किया कि मरीज के पेट की सफाई (गैस्ट्रिक लैवाज) की प्रक्रिया में सामान्य पानी का उपयोग किया गया, जबकि ऐसा निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं होना चाहिए था। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उधर, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में उपचार की गुणवत्ता और मेडिकल प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
— वायरल वीडियो…



