डिंडौरी। भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 मई से प्रारंभ किया जा रहा है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें आधुनिक जियो-मैपिंग तकनीक का उपयोग कर प्रत्येक मकान और परिवार का सटीक पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि नई डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किसी भी घर के छूटने या आंकड़ों के दोहराव की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। जियो-टैगिंग के जरिए हर भवन का सटीक लोकेशन दर्ज किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे गणना कार्य में लगे कर्मचारियों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार बनती है और इसी के आधार पर जिले के समग्र विकास की योजनाएं तैयार की जाती हैं।
इस बार जनगणना मोबाइल ऐप आधारित होगी, जिसमें जियो-मैपिंग तकनीक के माध्यम से प्रत्येक मकान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नागरिकों को यह सुविधा भी दी जाएगी कि वे निर्धारित समय में स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकें। प्रशासन द्वारा डेटा सुरक्षा के लिए उन्नत डिजिटल सुरक्षा प्रणाली भी लागू की गई है।
जनगणना के दौरान परिवार की सामान्य जानकारी, आवास की स्थिति, शिक्षा, रोजगार आदि से संबंधित विवरण एकत्र किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक से बैंकिंग, आयकर, ओटीपी या अन्य संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाएगी। जिले में जनगणना कार्य को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा सुपरवाइजर और गणना कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है, जो निर्धारित समय-सीमा में कार्य को पूरा करेंगे।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जिला प्रशासन डिंडौरी ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए जनगणना 2027 को सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की है।




