— पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 17 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पदस्थापना
भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2023 एवं 2024 के माध्यम से चयनित अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल से 20 फरवरी 2026 को जारी किए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार चयनित अधिकारियों को वेतनमान 42,700 से 1,35,100 रुपये और शासन द्वारा समय-समय पर देय भत्तों के साथ अस्थायी रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर पदस्थ किया गया है। राज्य सेवा परीक्षा 2023 की मुख्य सूची से चयनित 12 अधिकारियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों की पदस्थापना शाजापुर, बालाघाट, सिवनी, सागर, देवास, श्योपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई है।
इसी तरह मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर के पत्र के आधार पर राज्य सेवा परीक्षा 2024 की मुख्य सूची से चयनित 5 अधिकारियों को भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है, जिनकी पदस्थापना उमरिया, सतना, शिवपुरी, गुना एवं टीकमगढ़ जिलों में की गई है।
वहीं शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परिवीक्षा अवधि के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत ही अधिकारियों के स्थायीकरण की कार्यवाही की जाएगी। यदि परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी अधिकारी का कार्य असंतोषजनक पाया जाता है तो उसकी सेवा एक माह का नोटिस देकर अथवा उसके एवज में एक माह का वेतन देकर समाप्त की जा सकेगी। वहीं अधिकारी यदि स्वयं सेवा से मुक्त होना चाहता है तो उसे भी एक माह का नोटिस अथवा एक माह का वेतन जमा करना होगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार नव नियुक्त अधिकारियों को विभाग द्वारा निर्धारित अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा तथा प्रशिक्षण की समाप्ति पर आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। परीक्षा में सफल होने के बाद ही अधिकारियों को वेतनवृद्धि, स्थायीकरण, वरिष्ठता एवं पदोन्नति जैसे समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना नव नियुक्त अधिकारी किसी अन्य विभाग, अन्य सरकार अथवा अन्य सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में इन नियुक्तियों को ग्रामीण प्रशासन को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शासन का मानना है कि नव नियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की पदस्थापना से पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विकास कार्यों की निगरानी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
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