— पोर्टल 3.0 से रिलीव न करने पर शाला प्रभारी पर तय होगी जिम्मेदारी
भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अतिथि शिक्षक व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि यदि पोर्टल 3.0 के माध्यम से नियुक्त कोई अतिथि शिक्षक एक सप्ताह से अधिक समय तक विद्यालय से अनुपस्थित रहता है, तो उसे तत्काल पोर्टल से रिलीव किया जाना अनिवार्य होगा।
—जारी आदेश के मुताबिक
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में रिक्त पदों एवं नियमित शिक्षकों के अवकाश के दौरान पठन-पाठन को प्रभावित होने से बचाना है। इसके बावजूद यह संज्ञान में आया है कि कई शाला प्रभारी अतिथि शिक्षकों की लंबी अनुपस्थिति के बाद भी उन्हें कार्यमुक्त नहीं कर रहे हैं, जो कि गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।
बता दें कि आदेश में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल प्राचार्य एवं शासकीय विद्यालयों के शाला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई अतिथि शिक्षक लगातार सात दिन से अधिक अनुपस्थित रहता है, तो शाला प्रभारी द्वारा उसे तत्काल पोर्टल से रिलीव करने की कार्रवाई की जाए। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित शाला प्रभारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। यह आदेश आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा अनुमोदित है और 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील माना जाएगा।

सोर्स:—लोक शिक्षण संचालनालय, मध
