भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अपनी पारितोषिक योजना को और सशक्त किया है। योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की पुख्ता सूचना देने वाले नागरिकों को अब अधिकतम 50 हजार रुपये तक का ईनाम दिया जाएगा। कंपनी के अनुसार, वसूली की गई राशि का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये सूचनाकर्ता को प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, सूचना सही पाए जाने और अंतिम निर्धारण आदेश जारी होने के तुरंत बाद 5 प्रतिशत राशि अथवा 25 हजार रुपये का भुगतान सूचनाकर्ता को कर दिया जाएगा। शेष 5 प्रतिशत राशि का भुगतान पूर्ण वसूली उपरांत किया जाएगा।
कंपनी ने जानकारी दी कि 01 अप्रैल 2025 से अब तक 167 सफल सूचनाकर्ताओं को 2 लाख 06 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराए जा चुके हैं। वहीं, जांच और वसूली की कार्यवाही में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि उनके मासिक वेतन में जोड़कर दी गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले भी 63 प्रकरणों में 7 सफल सूचनाकर्ताओं को 2 लाख 18 हजार रुपये का भुगतान किया गया था।
योजना के अंतर्गत कंपनी के नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारी भी सूचनाकर्ता बन सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों को सूचना सही पाए जाने और पूर्ण वसूली होने पर 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा जांच, पंचनामा एवं वसूली प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बाह्य स्त्रोत कर्मियों को 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि समान रूप से प्रदान की जा रही है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि पारितोषिक योजना से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह गोपनीय और ऑनलाइन हैं। सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्त रूप से बैंक खाता विवरण और पहचान क्रमांक (आधार या पैन) दर्ज करना अनिवार्य है। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, प्रोत्साहन राशि सीधे कंपनी मुख्यालय से बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
पोर्टल या उपाय ऐप से दे सकेंगे सूचना
बिजली चोरी की सूचना अब पूरी तरह ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर Informer Scheme लिंक के माध्यम से या उपाय ऐप के जरिए गुप्त सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने नागरिकों, उपभोक्ताओं और आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की है कि वे आगे आकर बिजली चोरी की सूचना दें, पारितोषिक योजना का लाभ उठाएं और विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
सोर्स : मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPCZ)
